ड्रीम वेडिंग्सनिमंत्रण स्टूडियोडिज़ाइन
संग्रह
ग्यारह चित्र, खुलने के ग्यारह अंदाज़। किसी को भी छूकर फ़ोन में आज़माइए।
हाथीदांत-सा लिफ़ाफ़ा, हमारी मोहर से बंद।
गज द्वार खुलता है, घंटियों और मोरों के बीच।
गुलाबी महल खुलता है, और मोर का बाग़ दिखता है।
देवदार की डालियाँ हटती हैं, और पहाड़ों पर सूरज ढलता है।
बाग़ का झूला, और फिर शादी का पूरा दिन।
जंगली फूलों का घेरा हटता है, और सात फेरे दिखते हैं।
नक्काशीदार महल के द्वार आपकी शाम पर खुलते हैं।
हल्दी-पीले सूरज पर गेंदे की लड़ियाँ उठती हैं।
मेहमान पाँच दीये जलाते हैं। रात शुरू होती है।
एक कमल खिलता है, पंखुड़ी-दर-पंखुड़ी।
खिड़की का पर्दा उठाइए। सीधे शादी में उतरिए।
₹25,000 से, हर शादी के लिए एक ही भुगतान।