भारत में शादी का खर्च · अपडेट 30 अक्टूबर 2026

शादी में कितना खर्च आता है?


₹12 लाख से ₹58 लाख तक के प्रकाशित औसत, वे किसके लिए सही हैं, और अपना बजट कैसे बनाएं।

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संक्षेप में

कोई एक औसत नहीं है। एक राष्ट्रीय विश्लेषण के अनुसार भारतीय परिवार शादी पर औसतन ₹12 लाख या अधिक खर्च करते हैं; प्रीमियम प्लेटफ़ॉर्म पर योजना बनाने वाले जोड़ों का औसत ₹39.5 लाख और डेस्टिनेशन वेडिंग का ₹58 लाख है। शहर की मध्यवर्गीय शादी ₹8–25 लाख में होती है। वेन्यू और खाना बजट का 40–50% लेते हैं, और 18% GST अलग से।

कौन सा औसत आपके लिए है

भारत में शादी के खर्च का कोई एक आँकड़ा नहीं है, क्योंकि हर स्रोत अलग आबादी को मापता है। राष्ट्रीय विश्लेषण पूरे देश की 80 लाख से 1 करोड़ शादियों का औसत निकालता है, इसलिए ₹12 लाख आता है। प्रीमियम प्लेटफ़ॉर्म पर योजना बनाने वाले शहरी, संपन्न जोड़ों का औसत ₹39.5 लाख है। दोनों सही हैं; बस उन्हें मिलाइए मत।

किसका औसतराशिस्रोत
राष्ट्रीय औसत (सभी शादियाँ)₹12 लाख या अधिक2024 में रिपोर्ट किया गया राष्ट्रीय विश्लेषण
शहरी मध्यवर्गीय शादी₹8–25 लाखसंपादकीय अनुमान, एक स्रोत
प्रीमियम प्लेटफ़ॉर्म पर औसत₹39.5 लाख2025-26 उद्योग सर्वेक्षण, पिछले साल से 8% अधिक
औसत डेस्टिनेशन वेडिंग₹58 लाखवही सर्वेक्षण; 25% शादियाँ डेस्टिनेशन थीं
दिल्ली में औसत₹38 लाख2025 शहर-वार आँकड़े; जयपुर ₹73 लाख, मुंबई ₹35 लाख
लक्ज़री महल होटल, दो दिन₹1.6–4 करोड़राजस्थान के बड़े महल होटल, सजावट और GST अलग

खर्च कहाँ जाता है

वेन्यू और खाना मिलकर सबसे बड़ी लाइन हैं। दिल्ली एनसीआर में प्रति प्लेट ₹1,500–2,500 बजट बैंक्वेट में, ₹2,500–4,000 मध्यम वेन्यू में और ₹4,000–8,000 फ़ाइव-स्टार में; नॉन-वेज ₹300–500 और हर लाइव काउंटर ₹500–1,500 प्रति प्लेट जोड़ता है। छतरपुर के फ़ार्महाउस ₹999–1,199 प्रति प्लेट से शुरू होते हैं।

  • 40–50%वेन्यू + खाना
  • 10–15%सजावट
  • 5–8%फ़ोटो और फ़िल्म
  • 5–8%मनोरंजन और साउंड
  • 10–15%कपड़े और गहने
  • डेस्टिनेशन में 20–30%मेहमानों की यात्रा और ठहरना
  • 10–15%आपातकालीन

हर कोटेशन पर 18% GST अलग से; दिल्ली एनसीआर में ओवरटाइम ₹25,000–1 लाख प्रति घंटा और कॉर्केज ₹500–1,500 प्रति बोतल।

खर्च कम करने के सात तरीके

  1. मेहमानों की सूची: हर मेहमान कमरे × रातें × प्लेट है; 50 कम मेहमान किसी भी मोलभाव से ज़्यादा बचाते हैं।
  2. तारीख़: ऑफ़-सीज़न और सप्ताह के दिन 10–20% सस्ते; 2027 में अगस्त से अक्टूबर में कोई मुहूर्त नहीं है।
  3. मेन्यू: वेज-फ़ॉरवर्ड मेन्यू ₹300–500 प्रति प्लेट बचाता है; कम लाइव काउंटर ₹500–1,500।
  4. सजावट: फूलों की जगह रोशनी पर खर्च करें; सजावट फ़ंक्शनों में दोबारा इस्तेमाल करें।
  5. फ़ंक्शन मिलाएँ: मेहंदी और हल्दी एक वेन्यू, एक सेटअप।
  6. कॉन्ट्रैक्ट: GST का ढाँचा और ओवरटाइम की दर लिखित में तय करें।
  7. 10–15% बचाकर रखें: देर से आए मेहमान, एक और फ़ंक्शन और टैक्स इसे ले ही लेते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

शादी में कितना खर्च आता है?

कोई एक औसत नहीं है। एक राष्ट्रीय विश्लेषण के अनुसार भारतीय परिवार शादी पर औसतन ₹12 लाख या अधिक खर्च करते हैं; प्रीमियम प्लेटफ़ॉर्म पर योजना बनाने वाले जोड़ों का औसत ₹39.5 लाख और डेस्टिनेशन वेडिंग का ₹58 लाख है। शहर की मध्यवर्गीय शादी ₹8–25 लाख में होती है। वेन्यू और खाना बजट का 40–50% लेते हैं, और 18% GST अलग से।

5 लाख में शादी कैसे करें?

हाँ, छोटी शहर की शादी के लिए। 100–150 मेहमानों की बजट-स्तर की शादी ₹5–10 लाख में होती है, और दिल्ली के फ़ार्महाउस ₹999–1,199 प्रति प्लेट से शुरू होते हैं। पाँच लाख का मतलब है एक या दो फ़ंक्शन, 150 से कम मेहमान, ऑफ़-सीज़न या सप्ताह के दिन की तारीख़, और कोई डेस्टिनेशन नहीं। मेहमानों की सूची ही सबसे बड़ा लीवर है।

शादी का बजट कैसे बनाएं?

पहले दोनों परिवार मिलकर एक कुल राशि तय करें, फिर मेहमानों की संख्या, फिर शहर और वेन्यू का स्तर। वेन्यू और खाना एक साथ 40–50% रखें, सजावट का स्तर जल्दी तय करें, हर कोटेशन पर 18% GST जोड़ें, और 10–15% आपातकालीन रखें। सब कुछ एक शीट में रखें और हर हस्ताक्षर के बाद अपडेट करें।

कोर्ट मैरिज में कितना खर्चा आता है?

सरकारी शुल्क बहुत कम है: दिल्ली में स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत विवाह के लिए ₹15 और धार्मिक विवाह के पंजीकरण के लिए ₹100–200; तत्काल पंजीकरण पर ₹10,000 अतिरिक्त। महाराष्ट्र में ₹100–150, उत्तर प्रदेश में ऑनलाइन ₹10। एजेंट ₹10,000–25,000 के पैकेज बेचते हैं, जो उनकी फ़ीस है, सरकार की नहीं। वकील की ज़रूरत नहीं होती।

डेस्टिनेशन वेडिंग में कितना खर्च आता है?

100–150 मेहमानों की डेस्टिनेशन वेडिंग आम तौर पर ₹25–60 लाख में होती है; जयपुर या गोवा में होटल के स्तर के अनुसार ₹27 लाख–1.05 करोड़ और उदयपुर में ₹37.5 लाख–3.75 करोड़। उदयपुर के महल होटलों में दो दिन का पूरा बुकआउट ₹1.6–3.5 करोड़ से शुरू होता है। डेस्टिनेशन वेडिंग घर के शहर की शादी से दो से चार गुना महँगी पड़ती है।

शादी में सबसे ज़्यादा खर्च किस पर होता है?

वेन्यू और खाना, जो मिलकर बजट का 40–50% या उससे अधिक लेते हैं। दिल्ली एनसीआर में प्रति प्लेट ₹1,500–2,500 बजट बैंक्वेट में, ₹2,500–4,000 मध्यम में और ₹4,000–8,000 फ़ाइव-स्टार में। उसके बाद सजावट (₹1–4 लाख साधारण, ₹15–40 लाख लक्ज़री), फिर फ़ोटोग्राफ़ी, मनोरंजन और कपड़े-गहने।

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